ईस्राईल के समर्थन में अब इस देश ने भी अपना दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने की घोषणा कर दी
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हाल ही में अमरीका द्वारा बैतुल मुक़द्दस (येरूश्लम) को इस्राईल की राजधानी घोषित किए जाने के फ़ैसले को 9 के मुक़ाबले 128 वोटों से रद्द कर दिया था।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में ग्वाटेमाला भी उन 9 देशों में शामलि था, जिन्होंने बैतुल मुक़द्दस से संबंधित प्रस्ताव का विरोध करते हुए अमरीका का समर्थन किया था।
ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति जिम्मी मोरेल्स ने विश्व समुदाय को नज़र अंदाज़ करते हुए रविवार को तेल-अवीव से बैतुल मुक़द्दस को अपना दूतावास स्थानांतरित करने का एलान किया।
अमरीका का बाद मध्य अमरीकी देश ग्वाटेमाला ऐसा दूसरा देश है, जिसने अपना दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने का फ़ैसला किया है।
समस्त इस्लामी देशों समेत दुनिया भर के अधिकांश देशों के विरोध के बावजूद ग्वाटेमाला के इस क़दम का इस्राईल ने स्वागत किया है।
इससे पहले मोरेल्स ने कहा था कि उनका देश ऐतिहासिक रूप से इस्राईल समर्थक रहा है।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था, पिछले 70 वर्षों से हमारे इस्राईल के साथ संबंध हैं, जो हमेशा ही हमारा एक घटक रहा है।
ग़ौरतलब है कि अमरीकी धमकी के बावजूद, यूरोपीय देशों समेत संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकांश 128 सदस्यों ने बैतुल मुक़द्दस पर गुरूवार को पेश किए गए प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया था।
6 दिसम्बर को अमरीकी राष्ट्रपति ने बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित किया था और कहा था कि वाशिंग्टन अपनी राजधानी तेल-अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करेगा।
दुनिया भर में ट्रम्प के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ विशाल प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है और मुस्लिम जगत ने एलान किया है कि इस्लाम के पवित्र शहर बैतुल मुक़द्दस की स्थिति पर किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वर्तमान में बैतुल मुक़द्दस में किसी भी देश का कोई दूतावास नहीं है

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