मदरसों को आतँकवाद से जोड़ने पर देखिये मोदी के क़रीबी ज़फर सरेशवाला ने क्या कहा
नई दिल्ली: मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू युनिवेर्सटी के चांसलर और देश के मशहूर उद्धोगपति ज़फ़र सरेशवाला ने वसीम रिज़वी के द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री यूपी सरकार को मदरसों के सम्बंध में चिठ्ठी लिखने पर कड़ी निंदा करी है और मदरसों पर लगाये गए तमाम ब्यानों को बेबुनियाद और झूठे बताए हैं।
ज़फ़र सरेशवाला ने ऐबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा है कि मदरसों को कट्टरपंथी और आतँकी अड्डा वो शख़्स कह रहा है जिसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल होचुकी है,जिसकी गिरफ्तारी होनी चाहिए,उन्होंने जो घपले किए हैं वक़्फ़ में,और वक़्फ़ की प्रॉपर्टी बेचकर खा जाना किसी आतँकवादी से ज़्यादा खतरनाक है।
ज़फ़र सरेशवाला ने वसीम रिज़वी पर दलबदलू होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह दलबदलू हैं पार्टियाँ बदल बदल कर अब अपनी जान बचाने के लिए चापलूसी कर रहे हैं ताकि कहीं जगह मिलजावे और गिरफ्तरी से बच जाएँ,इस आदमी की कोई हैसियत नही है।
ज़फ़र सरेशवाला ने वसीम रिज़वी को जाहिल बताते हुए कहा कि इसको पता नही है कि सालों से मदरसों में गणित हिंदी साईंस अंग्रेज़ी की शिक्षा दी जारही है,और सालों से मदरसों के बच्चे NIOS से इम्तेहान देते हैं।
ज़फ़र सरेशवाला ने नरेंद्र मोदी की तरीफ करते हुए कहा कि मोदी साहब ने सबसे पहले जब वो गुज़रात में मुख्यमंत्री थे तो 2012 में उन्होंने पहली बार मदरसे के बच्चों को जो कभी स्कूल नही गए थे एक ट्रायल में अहमदाबाद के पास एक जगह हिम्मतनगर के मदरसे के 14 बच्चों को डारेक्ट 12वी क्लास का इम्तेहान देने की इजाज़त दी थी और पहले ही ट्रायल में वो 14 बच्चे 12वी की साइंस में 70 प्रतिशत से ज़्यादा मार्क्स लाये थे,अब मुझे बताओ जो बच्चे कभी स्कूल नही गए वो 12 वी की साइंस में 70 प्रतिशत मार्क्स कहाँ से लाये?क्योंकि मदरसों में पढ़ाई जाती है।

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