जन्मदिन विशेष: नवाब पटौदी जिन्होंने 21 की उम्र में कप्तान बनकर टीम इंडिया को जीतना सिखाया
मंसूर ने अपना पहला टेस्ट इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेला.मद्रास में हुए तीसरे टेस्ट में पटौदी ने 103 रन बनाए और भारत को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहली सीरीज़ जीत दिलाने में अहम् भूमिका अदा की. उन्हें वेस्ट-इंडीज़ के ख़िलाफ़ सीरीज़ से पहले उप-कप्तान बनाया गया. मार्च, 1962 में उन्हें कप्तानी का मौक़ा मिला. कप्तान नारी कांट्रेक्टर के घायल हो जाने की वजह से उन्होंने बारबाडोस में वेस्ट-इंडीज़ के ख़िलाफ़ कप्तानी की.
उन्होंने कुल 46 टेस्ट मैच खेले जिसमें उन्होंने 2793 रन बनाए. 34.91 की औसत से बनाए गए इन रनों में 6 शतक भी शामिल हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने 40 टेस्ट खेले और 9 में जीत हासिल की, 19 मैच भारत ने हारे और इतने ही ड्रा रहे. असल में भले ही आंकड़ों में ऐसा लगे कि उन्होंने हारे ज़्यादा हैं लेकिन तब की भारतीय टीम के कमज़ोर होने की वजह से एक-एक जीत महत्वपूर्ण है. ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने ही भारतीय टीम को जीतना सिखाया है. उनके जन्मदिन पर कांग्रेस पार्टी ने बधाई सन्देश दिया है.

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