शिक्षक कौन? Hindi short story on Teacher, Education
छुट्टी होने के समय पर रमा स्कूल के गेट पर पहुँच गयी थी अपने 5 साल के बच्चे को लेने. उस दिन उसके लड़के ने आते ही स्कूल गेट पर अपना बैग फेंक दिया तो गेट पर खड़े चपरासी ने तुरंत उसे डांटा, रक्षित रूको...
रूको..
अपना बैग उठाओ और ममा से सॉरी बोलो!
रक्षित ने न चाहते हुए भी कुनमुनाते हुए बैग उठाया और धीरे से बोला 'सॉरी'!
ज़ोर से बोलो, नहीं तो प्रिंसिपल मैडम के पास ले चलूँगा!
"सॉरी"!!
न जाने क्यों, चपरासी का इस तरह से डांटना रमा को ठीक नहीं लगा.
उसके कुछ दिनों बाद रक्षित की हिंदी की किताब गुम हो गयी. रमा ने उसकी क्लास टीचर से कहा तो वह जल्दी से बोलीं-
आप लोगों को बच्चों को सिखाकर रखना चाहिए, क्लास में इतने बच्चे हैं, किसको किसको सिखाएं ... कल मैं सभी बच्चों... के बैग में ... ..
आगे की बातें रमा नहीं सुन सकी, वह तो यह सोच रही थी कि शिक्षक वास्तव में है कौन?
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